ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

सपने में मंत्र, जाग्रत में लाभ


6 अगस्त 2009 को मुझे पेट में बहुत तेज दर्द हुआ। डॉक्टर को दिखाया, सोनोग्राफी करायी तो पता चला कि पथरी है। मैंने करीब चार महीने एलोपैथिक, होमियोपैथिक एवं आयुर्वैदिक दवाइयाँ खायीं परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर सब ओर से थक-हारकर 24 नवम्बर की शाम को मैं पूज्य बापू जी के श्रीविग्रह के सामने …

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साधना में बाधक एवं सहायक बातेंv


साधना में बाधकः मान की चाह के गुलाम बनना। अति बोलना। यश की इच्छा से दिखावटी कार्य करना। अति निद्रा अथवा अनिद्रा। हिंसक स्वभाव – शरीर, मन, या वाणी से किसी को दुःख देना। अति धन – वैभव और आडम्बर। विकार बढ़ाने वाला, जागतिक आकर्षण बढ़ाने वाला विनोद। क्रोध और द्वेष। काम, आसक्ति। आलस्य और …

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परम पुरुषार्थ


(पूज्य बापू जी के सत्संग प्रवचन से) मनुष्य सदैव बाहर की परिस्थितियों को दोष देते हुए जीता हैः यदि ऐसा होता, यह अनुकूलता होती तो मैं यह कर देता, मैं वह कर देता….। सुधारक कहते हैं कि यदि हमारे साथ यह सुविधा होती तो हम दुनिया को हिला देते। सब बाहर देखते हैं, मगर अपने …

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