प्रेम को किसमें लगायें ? – पूज्य बापू जी
संत कबीर जी ने कहा हैः जा घट प्रेम न संचरै, सो घट जान मसान । जैसे खाल लुहार की, साँस लेत बिन प्रान ।। गुरु गोविंदसिंह जी कहते हैं- साचु कहौ सुन लेहु सभै जिन प्रेम किओ तिन ही प्रभु पायो ।। जिसने प्रेम किया उसी ने पिया को, प्रभु को पाया । अकड़ …