गुरुद्वार पर कैसे रहें
पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू श्री महाभारत में आता हैः न विना ज्ञानविज्ञाने मोक्षस्याधिगमो भवेत्। न विना गुरुसम्बन्धं ज्ञानस्याधिगमः स्मृतः।। गुरु प्लावयिता तस्य ज्ञानं प्लव इहोत्यते। विज्ञाय कृतकृत्यस्तु तीर्णस्तदुभयं त्यजेत्।। “जैसे ज्ञान विज्ञान के बिना मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता, उसी प्रकार सदगुरु से संबंध हुए बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती। गुरु इस …