पूज्यश्री का प्रसाद संजीवनी है
ऐसा कहा जाता है कि जो काम दवा से नहीं होता वह दुआ से हो जाया करता है। लेकिन मेरा अनुभव तो यह कहता है कि दुआ के साथ-साथ पूज्यश्री के हाथों से यदि प्रसाद मिल जाय तो हमारी दुआ भी स्वीकार हो जाती है। मैं विगत 23 वर्षों से दमा का मरीज था और …