असीम ईश्वरीय सुख की प्राप्ति
पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू तन सुकाय पिंजर कियो धरे रैन दिन ध्यान। तुलसी मिटे न वासना बिना विचारे ज्ञान।। तप करना, तन को सुखाना, तितिक्षा सहना, इनसे परमात्मप्राप्ति नहीं होती। तप से शक्ति तो प्राप्त होती है और पुण्य से उत्कृष्ट भोग प्राप्त होते हैं किन्तु अमरत्व की, परमात्मप्रेम की प्राप्ति नहीं होती और …