ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

अपनी कद्र करना सीखें – पूज्य बापू जी


हमको श्रद्धा के साथ-साथ सत्संग के द्वारा समझना चाहिए कि शिवलिंग यह भगवान तो है लेकिन इस भगवान में घन सुषुप्ति में चैतन्य बैठा है । तर्क करना हो और अश्रद्धा करनी हो तो भगवान साक्षात् आ जायें तो भी दुर्योधन जैसा व्यक्ति उनमें भी अश्रद्धा करता है । दुर्योधन ने श्रीकृष्ण को कैद करने …

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पार्वती जी की परीक्षा


पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से पार्वती जी ने भगवान शंकर को पाने के लिए तप किया । शिवजी प्रकट हुए और दर्शन दिये । शिवजी ने पार्वती के साथ विवाह करना स्वीकार कर लिया । शिवजी अंतर्धान हो गये । इतने में थोड़ी दूर किसी तालाब में एक ग्राह ने किसी बच्चे को पकड़ा …

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समस्याएँ – विकास का साधन


(पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से) ज्ञान का और जीवन का नज़रिया ऊँचा होने से आदमी सभी समस्याओं को पैरों तले कुचलते हुए ऊपर उठ जाता है । दुनिया में ऐसी कोई समस्या या मुसीबत नहीं है जो आपके विकास का साधन न बने । कोई भी समस्या, मुसीबत आपके विकास का साधन है यह …

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