ʹएतत्सर्वं गुरोर्भक्त्या….ʹ
संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से शास्त्रों के रचयिता वेदव्यासजी महाराज ने कहा हैः “काम को जीतना हो तो बीमार को देखो अथवा मन ही मन कल्पना करो की शरीर की चमड़ी हट जाये तो अंदर कौन सा मसाला भरा है। लोभ को जीतना हो तो दान करो। क्रोध को जीतना हो तो …