ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पयाहारी बाबा


पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू दुनियादार जहाँ सिर पटकते हैं। वहाँ आशिक कदम रखते हैं।। भोगी जिस संसार के पीछे आँखें मूंदकर अँधी दौड़ लगाता है, वह संसार उसका कभी नहीं होता। संसार उसे सुख तो नहीं देता वरन् देता है मुसीबतें, जिम्मेदारियाँ, तनाव और अशांति। जबकि योगी, भक्त या सेवक सेव्य को प्रसन्न करने …

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पाओ अपने आपको…..


पूज्यपाद संतश्री आसारामजी बापू सूर्य का स्वभाव है प्रकाश देना, चन्द्र का स्वभाव है शीतलता देना, माँ का स्वभाव है बच्चों को पोसना। ऐसे ही भगवान का और भगवान को पाये हुए महापुरुषों का स्वभाव है दूसरों का कल्याण करना। जो भी सामने आ जाए उसका कल्याण किये बिना वे नहीं रह सकते हैं। जोगी …

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नासमझी है दुःखों का घर


पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू यह भी कैसी विचित्र बात है कि सभी दुःखों और परेशानियों को मिटाना चाहते हैं लेकिन फिर भी हर दिन बंधन बढ़ाते जा रहे हैं, परेशानियों को पोसते जा रहे हैं। मुक्ति सभी चाहते हैं किन्तु मुक्ति पाने की मुक्ति से दूर भागते हैं। कुछ वर्ष पहले की बात हैः …

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