फुटपाथी नहीं, वास्तविक शांति
(पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से) भगवान की भक्ति करने वाला, भगवान में प्रीति रखने वाला, गुरु की आज्ञा में चलने वाला व्यक्ति सुखी रहता है, सुख-दुःख में समचित रहता है, शांत रहता है और भगवान को, गुरु को, गुरु के ज्ञान को न मानने वाला सदैव दुःखी रहता है, अशांत रहता है । अशांतस्य …