ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

श्वासकला का महत्व


(श्वास के बिना जीवन सम्भव ही नहीं है। श्वास पर नियंत्रण करके मनुष्य अपनी आयु बढ़ा सकते हैं। सोनीपत (हरियाणा) की शिविर में इसी विषय पर प्रकाश डालते हुए पूज्य श्री कहते हैं-) इज़राईल देश की बात हैः एक ईसाई महिला पादरी के पास गयी। उसने कहाः पादरी जी ! मैं मुसीबत में पड़ गयी …

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शीत ऋतु में आहार-विहार


मुख्य रूप से तीन ऋतुएं हैं- शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु और वर्षा ऋतु। आयुर्वेद के मतानुसार छः ऋतुएँ मानी गयी हैं- वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त और शिशिर। महर्षि सुश्रुत ने वर्ष के 12 मास इन ऋतुओं में विभक्त कर दिये हैं। शीत ऋतु विसर्गकाल और आदानकाल की संधिवाली ऋतु होती है। विसर्गकाल दक्षिणायन में …

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लाल किलाः समृद्धशाली हिन्दू समाज का प्रतीक…..


भारत के प्राचीन समृद्धशाली समाज का ऐसा जीवंत उदाहरण जिसे देखने के लिए प्रतिदिन लोगों की भीड़ लगी रहती है, जहाँ से स्वतंत्रता एवं गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों पर भारत के प्रधानमंत्री देश की जनता को संबोधित करते हैं, भारत की राजधानी में जिसने आज भी अपनी विशेष पहचान बना रखी है, वह …

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